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KHARAI CAMEL

●Name origin: From Gujarati “Khara” (saline) — denotes its adaptation to saline desert–coastal ecosystems. ●Unique feature: Only camel breed...

प्रसंग:
'स्वनिधि से समृद्धि' के बारे में:

यह का एक अतिरिक्त कार्यक्रम है
आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के तहत लॉन्च किया गया।
कार्यान्वयन भागीदार: भारतीय गुणवत्ता परिषद (क्यूसीआई)।

कार्यक्रम के पहले चरण के दौरान, इसने 125 शहरों को कवर किया, जिसमें लगभग 35 लाख स्ट्रीट वेंडर और उनके परिवार शामिल थे।
उद्देश्य: सड़क विक्रेताओं को उनके समग्र विकास और सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए सामाजिक सुरक्षा लाभ प्रदान करना।

कार्यक्रम के तहत, भारत सरकार की आठ कल्याणकारी योजनाओं के लिए उनकी पात्रता का आकलन करने और पात्र योजनाओं की मंजूरी की सुविधा के लिए पीएम स्वनिधि लाभार्थियों और उनके परिवारों की सामाजिक-आर्थिक प्रोफाइलिंग की जाती है। 

इन आठ योजनाओं में शामिल हैं:

1) प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना।

2) पीएम सुरक्षा बीमा योजना।

3) प्रधानमंत्री जन धन योजना।

4) भवन और अन्य निर्माण श्रमिक (रोजगार का विनियमन और सेवा की शर्तें) अधिनियम (बीओसीडब्ल्यू)।

5) प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना।

6) राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) -पोर्टेबिलिटी लाभ - एक राष्ट्र एक राशन कार्ड (ओएनओआरसी)।

7) जननी सुरक्षा योजना और 8) प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना।

पीएम स्वानिधि योजना :
यह 50 लाख से अधिक स्ट्रीट वेंडरों को ₹10,000 तक का किफायती ऋण प्रदान करने के लिए एक विशेष माइक्रो-क्रेडिट सुविधा योजना है, जिनका व्यवसाय 24 मार्च 2020 को या उससे पहले चालू था।

भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक इस योजना के कार्यान्वयन के लिए तकनीकी भागीदार है।

यह सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट के माध्यम से ऋण देने वाली संस्थाओं को क्रेडिट गारंटी का प्रबंधन करेगा । 

योजना के तहत ऋण:
इस योजना के तहत, विक्रेता ₹10,000 तक का कार्यशील पूंजी ऋण प्राप्त कर सकते हैं, जो एक वर्ष के भीतर मासिक किश्तों में चुकाने योग्य है।

ऋण के समय पर/जल्दी चुकौती पर, छह महीने के आधार पर प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में 7% प्रति वर्ष की ब्याज सब्सिडी जमा की जाएगी।
ऋण की जल्दी चुकौती पर कोई जुर्माना नहीं लगेगा। 

पात्रता :
यह योजना विभिन्न क्षेत्रों/संदर्भों में सामान और सेवाओं की आपूर्ति करने वाले विक्रेताओं, फेरीवालों, ठेलेवालों, रेहड़ीवालों, थेलीफड़ों पर लागू है। आसपास के शहरी/ग्रामीण क्षेत्रों से संबंधित स्ट्रीट वेंडर भी शामिल हैं।

इस रणनीति के तहत उस शख्स या ग्रुप के लिए कंपनी को टेकओवर करना मुश्किल हो जाता है।

 जैसे- कंपनी कुछ छूट के साथ दूसरों को कंपनी के अतिरिक्त शेयर खरीदने की अनुमति दे देती है. ऐसा करने पर टेकओवर करने वाले के शेयर की कीमतें कम हो जाती हैं।

(यह टर्म ट्विटर और एलन मस्क के बीच चल रहें विवाद के कारण चर्चा में आया है।

#prelims #ImpFacts

● It is an international financial institution and a specialised agency of the United Nations

 ● It works to address poverty and hunger in rural areas of developing countries. 

● It is the only multilateral development organization that focuses solely on rural economies and food security.

● Headquartered in Rome, Italy, 

● India is a founder member of IFAD

● IFAD has 177 member states and works in partnership with the Organization of the Petroleum Exporting Countries (OPEC) and members of the Organisation for Economic Co-operation and Development (OECD).
Read the passage below and solve the questions based on it.

On 13th of November, I kept some money in a magical purse in which on every alternate day starting from the 13th, money increases with respect to the closing amount on the evening of the previous day, that the ratio of money becomes 2:1 but on every alternate day starting from the 14th, the money decreases by 10, when compared to the closing amount on the evening of the previous day. I had 500 on the 19th and the magical purse kept on multiplying money for me till the 25th of that November.
-The Returning Officer (RO) of a Parliamentary or assembly constituency is responsible for the conduct of elections in the Parliamentary or assembly constituency concerned. 

-When an application for recounting of votes is made, the returning officer shall decide the matter and may allow the application in whole or in part or
may reject it in its entirety if it appears to him to be frivolous or unreasonable. 

-As per provisions of the Representation of the People Act, 1951, the decision of a returning officer can only be challenged through an election petition under section 80 of the Act.

😢 On April 13th 1919, a large crowd gathered peacefully at Jallianwala Bagh, Amritsar, Punjab to protest the arrest of Dr. Satyapal & Dr. Saifuddin Kitchlew. Colonel Reginald Dyer, the Military Commander of Amritsar, surrounded the Bagh with his troops, closed the gates & gave order to shoot at the peaceful congregation. There was a massacre. Hundreds were killed & thousands wounded. This incident is known as the Jallianwala Bagh massacre. It sent a wave of shock & horror amongst the people. 

🔺 Rabindranath Tagore, in protest, renounced his knighthood - a title of honour given to him by the British.

🔺 Gandhi returned the Kaiser-e-Hind medal given to him by the South African Govt.

💠IMPORTANT DATE
🔸Rowlatt Acts - February, 1919
🔸Hunter Commission -14 October, 1919
🔸INC Session - December, 1919 ( Amritsar)

🔸SSC QUESTION IN RESONING
Jallianwala Bagh Massacre, Simon Commission, Dandi March, ?
Ans : Quit-India Movement

जलियाँवाला बाग : 13 अप्रैल 
भारत के पंजाब प्रान्त में स्थित अमृतसर के स्वर्ण मन्दिर के निकट जलियाँवाला बाग में 13 अप्रैल 1919 (बैसाखी के दिन) जो हुआ था वह आज भी दुनिया के सबसे क्रूर व हिंसक नरसंहारों में से एक माना जाता हैं। 
कारण :

• जलियाँवाला बाग में बैसाखी के दिन रौलेट एक्ट का विरोध करने के उद्देश्य से एक शांतिपूर्ण सभा बुलाई गई थी जहाँ बूढ़े-जवान, औरतें-बच्चे सभी हज़ारों की तादाद में शामिल थे।

• भारी विरोध के चलते अंग्रेजी सरकार ने कुछ विरोधी प्रान्तों में कर्फ्यू लगा रखा था जिनमें से एक पंजाब भी था। ऐसे में इतनी भारी संख्या में लोगों का एक जगह होना प्रान्त के तात्कालिक लेफ्टिनेंट गर्वनर ओ’डायर को नागवार गुजरा और सभी भारतवासियों को एक कठोर सन्देश देने के लिए उसने अपनी सेना को इस नरसंहार को अंजाम देने का आदेश दिया।

लेफ्टिनेंट गर्वनर ओ’डायर :
• आयरलैंड की जमींदार पृष्ठभूमि वाले ओ’डायर अपनी भारत विरोधी तथा किसी भी राजनीतिक असंतोष को पहले ही अवसर में कुचल देने वाली सोच के अलावा उनके प्रशासन में वर्ष 1919 से पहले हुई निर्मम भर्ती की वजह से काफी अलोकप्रिय थे। 

बिना चेतावनी के फ़ायरिंग :
• गर्वनर ओ’डायर के आदेश की पालना करते हुए ब्रिगेडियर जनरल रेजिनॉल्ड डायर के नेतृत्व में "गुरखाज़ राइट, 59 लेफ़्ट के 25 गोरखा और 25 बलूच हथियारबंद सैनिकों ने सभा में उपस्थित भीड़ को बिना कोई मौका दिए फायरिंग शुरू कर दी।  

• इस हत्याकांड में हताहतों की संख्या स्पष्ट रूप से सामने नहीं है। अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर कार्यालय में जहाँ 484 शहीदों की सूची है तो जलियांवाला बाग में कुल 388 शहीदों की। ब्रिटिश राज के अभिलेख में 200 लोगों के घायल व 379 लोगों के शहीद होने का जिक्र है तो वहीँ अनाधिकारिक आँकड़ों के अनुसार शहीदों की संख्या 1000 से अधिक और घायलों की 2000 से भी ज्यादा हैं।

परिणाम : 
• तात्कालिक ब्रिटिश प्रशासन के कुछ दयालु व भारत हितेषी अफसरों की नज़रों से लेकर वर्तमान ब्रिटेन में भी इस दिन को ब्रिटिश साम्राज्य का एक काला अध्याय माना जाता है।

• सत्य यह भी है कि इस हिंसक घटना ने कहीं न कहीं भारत में ब्रिटिश साम्राज्य के राज की उल्टी गिनती शुरू कर दी थी।
❇️ 12th April

🚀 International Day of Human Space Flight

🚀Aim to promote aspirations to explore and maintain outer space for peaceful purposes.

🚀12 April 1961 was the date of the first human space flight, carried out by Yuri Gagarin, a Soviet citizen.

🚀1st Indian to go into space : Rakesh Sharma

🔶ISRO to Set-up Space Technology Incubation Center at NIT-Rourkela

🔶NASA’s Launched World’s Largest Telescope Named James Webb Space

🔶China Launches “Shijian-6 05” Satellites For Space Exploration

🔶France Conducts “AsterX” its 1st Military Exercise in Space

🔶Infosys And Rolls-Royce Launched ‘Aerospace Engineering And Digital Innovation Centre’

🔶SpaceX creates New World Record by Launching 143 satellites in Single Launch

🔶World’s first wooden satellite to be launched by Japan in 2023 to reduce space Junk

🔶Indian Origin Anil Menon Is SpaceX’s First Flight Surgeon

🔶World Space Week: 04-10 October

महात्मा जोतिराव गोविंदराव फुले (11 अप्रैल 1827 - 28 नवम्बर 1890 ) एक भारतीय समाजसुधारक, समाज प्रबोधक, विचारक, समाजसेवी, लेखक, दार्शनिक तथा क्रान्तिकारी कार्यकर्ता थे। इन्हें महात्मा फुले एवं ''जोतिबा फुले के नाम से भी जाना जाता है। सितम्बर 1873 में इन्होने महाराष्ट्र में सत्य शोधक समाज नामक संस्था का गठन किया। महिलाओं व दलितों के उत्थान के लिय इन्होंने अनेक कार्य किए। समाज के सभी वर्गो को शिक्षा प्रदान करने के ये प्रबल समथर्क थे। वे भारतीय समाज में प्रचलित जाति पर आधारित विभाजन और भेदभाव के विरुद्ध थे।

उन्‍होंने विधवाओं और महिलाओं के कल्याण के लिए बहुत काम किया, इसके साथ ही किसानों की हालत सुधारने और उनके कल्याण के लिए भी काफी प्रयास किये। स्त्रियों की दशा सुधारने और उनकी शिक्षा के लिए फुले ने 1848 में एक स्कूल खोला। यह इस काम के लिए देश में पहला विद्यालय था। लड़कियों को पढ़ाने के लिए अध्यापिका नहीं मिली तो उन्होंने कुछ दिन स्वयं यह काम करके अपनी पत्नी सावित्री फुले को इस योग्य बना दिया। कुछ लोगों ने आरम्भ से ही उनके काम में बाधा डालने की चेष्टा की, किंतु जब फुले आगे बढ़ते ही गए तो उनके पिता पर दबाब डालकर पति-पत्नी को घर से निकालवा दिया इससे कुछ समय के लिए उनका काम रुका अवश्य, पर शीघ्र ही उन्होंने एक के बाद एक बालिकाओं के तीन स्कूल खोल दिए।

निर्धन तथा निर्बल वर्ग को न्याय दिलाने के लिए ज्योतिबा ने 'सत्यशोधक समाज' 1873 मे स्थापित किया। उनकी समाजसेवा देखकर 1888 ई. में मुंबई की एक विशाल सभा में उन्हें 'महात्मा' की उपाधि दी। ज्योतिबा ने ब्राह्मण-पुरोहित के बिना ही विवाह-संस्कार आरम्भ कराया और इसे मुंबई उच्च न्यायालय से भी मान्यता मिली। वे बाल-विवाह विरोधी और विधवा-विवाह के समर्थक थे। अपने जीवन काल में उन्होंने कई पुस्तकें भी लिखीं-गुलामगिरी, तृतीय रत्न, छत्रपति शिवाजी, राजा भोसला का पखड़ा, किसान का कोड़ा, अछूतों की कैफियत. महात्मा ज्योतिबा व उनके संगठन के संघर्ष के कारण सरकार ने ‘एग्रीकल्चर एक्ट’ पास किया। धर्म, समाज और परम्पराओं के सत्य को सामने लाने हेतु उन्होंने अनेक पुस्तकें भी लिखी

ब्रिटिश सरकार द्वारा उपाधि: 1883 में स्री यो को शिक्षा प्रदान कराने के महान कार्य के लिए उन्हें तत्कालीन ब्रिटिश भारत सरकार द्वारा "स्त्री शिक्षण के आद्यजनक" कहकर गौरव किया।
एक दशक पहले तक फिनाले शब्द इतना चर्चित नहीं था परंतु अब चारों तरफ ग्रैंड फिनाले ही सुनाई देता है। सवाल यह है कि जब डिक्शनरी में फाइनल (Final) शब्द मौजूद है तो फिर उसकी जगह फिनाले (Finale) का उपयोग क्यों किया जाता है। आइए पता लगाते हैं कि Final-फाइनल और Finale-फिनाले में क्या कोई अंतर है, या फिर खुद को एडवांस दिखाने के लिए लोग फिनाले शब्द का उपयोग करने लगे हैं।

विशेषज्ञ बताते हैं कि फाइनल और फिनाले के बीच में बहुत बड़ा अंतर है। ज्यादातर लोग नहीं जानते लेकिन मजेदार बात यह है कि ज्यादातर लोग इसका सही उपयोग करते हैं। ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी के अनुसार फाइनल का अर्थ होता है श्रृंखला के अंत में जबकि फिनाले का अर्थ होता है समापन। Final-फाइनल और Finale-फिनाले के बीच कोई संबंध नहीं है। दोनों शब्दों को एक दूसरे की जगह उपयोग नहीं किया जा सकता है। 

🎛️Final-फाइनल और Finale-फिनाले के बीच अंतर- सरल शब्दों में समझिए👉🏻
सेमेस्टर एग्जाम या फिर किसी भी कोर्स में जहां एक से अधिक परीक्षा कार्यक्रम होते हैं वहां अंतिम परीक्षा को फाइनल एग्जाम कहा जाता है। कृपया ध्यान दीजिए, फाइनल एग्जाम शब्द का उपयोग किया जाता है जब एक से अधिक एग्जाम होते हो। यदि किसी कोर्स में सिर्फ एक ही एग्जाम होता है तब उसे फाइनल एग्जाम नहीं कहा जाता। 

किसी सीरियल या फिर किसी रियलिटी शो का "समारोहपूर्वक" समापन होता है तब उसे फिनाले या फिर ग्रैंड फिनाले कहा जाता है। कृपया ध्यान दीजिए, यहां समापन के साथ समारोह अनिवार्य है। यदि समारोह नहीं होता तो फिर फिनाले भी नहीं होता। उसे अपन लास्ट एपिसोड कहेंगे।

स्पोर्ट्स के मामले में भी श्रृंखला होती है। प्रश्न उपस्थित होना चाहिए कि कई बार फाइनल मैच होता है और कई बार सीरीज का ग्रैंड फिनाले। यहां दोनों शब्दों का उपयोग किया जा रहा है लेकिन दोनों के बीच अंतर स्पष्ट है। यदि किसी प्रतियोगिता का अंतिम खेल होने वाला है तब उसे फाइनल मैच कहा जाएगा लेकिन यदि उसके साथ समारोह शामिल है तब उसे फिनाले कहा जाएगा।

Census provides information on size, distribution and socio-economic, demographic and other characteristics of the country’s population.

The Census was first started under British Viceroy Lord Mayo in 1872. It helped in framing new policies, government programs to uplift areas of improvement in the community.

The first synchronous census in India was held in 1881. Since then, censuses have been undertaken uninterruptedly once every ten years.
 
Who conducts? Office of the Registrar General and Census Commissioner, under the MHA,

FSR is published twice in a year by RBI that presents an assessment of the health of the financial system.

•The RBI also conducts a Systemic Risk Survey (SRS), wherein it asks experts and market participants to assess the financial system on five different types of risks 

1. Global
2. Financial
3. Macroeconomic
4. Institutional
5.General

•FSR details the current status of different financial institutions such as all the different types of banks and non-banking lending institutions. 

It also maps the state of credit growth and the rate at which borrowers are defaulting on paying back loans.

•Reading the FSR tells us how robust or vulnerable our financial system — especially our banking system — is to the changes in the economy.


लाल नदी वियतनाम देश में बहती है। वियतनाम दक्षिणपूर्व एशिया के हिन्दचीन प्रायद्वीप के पूर्वी भाग में स्थित एक देश है।

इसके उत्तर में चीन, उत्तर पश्चिम में लाओस, दक्षिण पश्चिम में कंबोडिया और पूर्व में दक्षिण चीन सागर स्थित है।

 बौद्ध धर्म यहां का प्रमुख धर्म है जो देश जनसंख्या का 85% हिस्सा है।

बता दे कि ब्रहमपुत्र नदी को ब्रह्मा की बेटी तथा भारत की लाल नदी भी कहा जाता है।....
यु.एन.डी.पी.ने 1990 मध्ये पहिल्यांदा मानव विकास अहवाल जाहीर केला. त्यामध्ये विविध देशांचे मानव विकास निर्देशांक मोजण्यात आले होते. त्यामागील प्रेरणा पाकिस्तानी अर्थतज्ञ महबूब-उल-हक आणि अमर्त्य सेन यांची होती.
महबूब-उल-हक यांना ‘मानव विकास निर्देशांकाचे जनक’ म्हणून संबोधले जाते.
2010 मध्ये हा निर्देशांक ज्या घटकांवरून काढला जातो, त्यात बदल करण्यात आला. त्यानुसार, मानव विकास निर्देशांक पुढील तीन निकष (dimensions) व त्यांच्याशी संबंधित चार निर्देशक (indicators) यांवरून काढला जातो.
कृषि क्षेत्र के उत्पादों की गुणवता प्रमाणित करने के लिए भारत सरकार के विपणन एवं निरीक्षण निदेशालय द्वारा लगाया जाता है। यह 1986 से प्रभावी है, यह दालों, अन्न, खाद्य तेलों, तेलों, फलों एवं सब्जियों तथा अर्द्ध प्रसंस्कृत उत्पादों आदि 205 उत्पादों पर लगाया जाता है ।
मुद्रा प्रसार या मुद्रास्फीति वह अवस्था है जिसमें मुद्रा का मूल्य कम हो जाता है और कीमतें बढ़ जाती है। आर्थिक दृष्टि से सीमित एवं नियंत्रित मुद्रास्फीति अल्पविकसित अर्थव्यवस्था हेतु लाभदायक होती है , क्योंकि इससे उत्पादन में वृद्धि को प्रोत्साहन मिलता है। परंतु एक सीमा से अधिक मुद्रास्फीति हानिकारक है।
जब काला धन बढ़ जाता है और अर्थव्यवस्था के लिए खतरा बन जाता है, तो इसे दूर करने के लिए विमुद्रीकरण की विधि अपनाई जाती है। इसके अन्तर्गत सरकार पुरानी मुद्रा को समाप्त कर देती है और नई मुद्रा चालू कर देती है । जिनके पास काला धन होता है, वह उसके बदले में नई मुद्रा लेने का साहस नहीं जुटा पाते हैं और काला धन स्वंय ही नष्ट हो जाता है।
जिस धन का हिसाब- किताब कर अधिकारियों से छिपाकर रखा जाता है,
उसे काला धन कहते हैं ।
बचत बैंक खाता उन लोगों के लिए है, जो अपनी भावी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अपनी वर्तमान आय का कुछ भाग बचाकर रखना चाहते हैं। इस खाते में जमा राशियों पर कुछ ब्याज भी दिया जाता है।
यह एक प्रकार का माँग जमा खाता है, जिसमें से किसी भी कार्य दिवस को अनेक बार कितनी भी राशि का लेन- देन किया जा सकता है। इन खातों में जमा राशियों पर कोई ब्याज नहीं दिया जाता, बल्कि बैंक लेन - देनों की संख्या के आधार पर कुछ सेवा शुल्क खाताधारी से वसूल करते है।
माँग जमाओं के अन्तर्गत उन समस्त जमा राशियों को शामिल किया जाता है, जो जमाकर्ता द्वारा अपनी इच्छानुसार जब चाहे वापस माँगी जा सकती हैं। बैंकों में चालू खाते तथा बचत खाते में जमा राशियाँ माँग जमा के अन्तर्गत आती हैं।
यदि किसी मुद्रा का विनिमय मूल्य अन्य मुद्राओं की तुलना में जानबूझकर कम कर दिया जाता है, तो इसे उस मुद्रा का अवमूल्यन कहते हैं। यह अवमूल्यन परिस्थितियों के अनुसार सरकार स्वंय करती है। अवमूल्यन के बाद देश के आयात महँगे तथा निर्यात सस्ते हो जाते हैं, जिससे भुगतान शेष का असन्तुलन कम करने में सहायता मिलती है।
IFSC जो सामान्यतया 11 अंकों का होता है , यह प्रत्येक बैंक के चैक पर छपा होता है। इसमें पहले 4 अक्षरों में बैंक का नाम, एक शून्य तथा अन्तिम 6 अंकों में बैंक ब्रांच से सम्बन्धित विवरण शामिल होता है।
भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा 1991 से विभिन्न एेसे उत्पादों पर लगाया जाता है, जो पारिस्थितिकी पर कम से कम प्रभाव डालते हैं।
 दोनों देशों में अल्पसंख्यकों के अधिकारों की सुरक्षा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लियाकत-नेहरू समझौते पर आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर किए गए थे।

 नेहरू-लियाकत समझौते पर हस्ताक्षर क्यों किया गया था?

 * विभाजन के बाद दोनों देशों में अल्पसंख्यकों द्वारा इस तरह के समझौते की आवश्यकता महसूस की गई, जिसके साथ बड़े पैमाने पर सांप्रदायिक दंगे हुए।

 * 1950 में, कुछ अनुमानों के अनुसार, सांप्रदायिक तनाव और 1950 के पूर्वी पाकिस्तान दंगों और नोआखली दंगों जैसे दंगों के बीच, दस लाख से अधिक हिंदू और मुसलमान पूर्वी पाकिस्तान (वर्तमान बांग्लादेश) से और चले गए।

 भारत और पाकिस्तान किस पर सहमत हुए?
 * यह निर्णय लिया गया कि अल्पसंख्यकों को नागरिकता की पूर्ण समानता, धर्म की परवाह किए बिना, और जीवन, संस्कृति, संपत्ति और व्यक्तिगत सम्मान के संबंध में सुरक्षा की पूर्ण भावना, प्रत्येक देश के भीतर आंदोलन की स्वतंत्रता और व्यवसाय, भाषण की स्वतंत्रता के हकदार होंगे। और पूजा।

 * यह भी निर्णय लिया गया कि अल्पसंख्यकों को अपने देश के सार्वजनिक जीवन में भाग लेने, राजनीतिक या अन्य पद धारण करने और अपने देश के नागरिक और सशस्त्र बलों में सेवा करने के लिए बहुसंख्यक समुदाय के सदस्यों के साथ समान अवसर मिलेगा।

 * दोनों सरकारें इन अधिकारों को मौलिक घोषित करती हैं और इन्हें प्रभावी ढंग से लागू करने का वचन देती हैं।

 * दोनों सरकारें इस बात पर भी जोर देती हैं कि अल्पसंख्यकों की निष्ठा और निष्ठा उस राज्य के प्रति होगी जिसके वे नागरिक हैं।

 * यह भी निर्णय लिया गया कि उनके अपने राज्य की सरकार अल्पसंख्यकों की शिकायतों का निवारण करेगी।
विकास और शांति के लिए अंतर्राष्ट्रीय खेल दिवस 6 अप्रैल को दुनिया भर में मनाया जाता है। यह तारीख एथेंस (ग्रीस) में आधुनिक युग के पहले ओलंपिक खेलों के उद्घाटन की याद दिलाती है। ) 1896 में।23 अगस्त 2013 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने अपने संकल्प ए/आरईएस/67/296 के माध्यम से 6 अप्रैल को विकास और शांति के लिए खेल के अंतर्राष्ट्रीय दिवस के रूप में घोषित करने का निर्णय लिया। 2014 से हर साल यह दिवस मनाया जा रहा है।खेलों के लिए दिन को अपनाना यह दर्शाता है कि खेल मानव अधिकारों की उन्नति और आर्थिक विकास पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं इसके अलावा, संयुक्त राज्य अमेरिका ने सतत विकास के लिए 2030 एजेंडा की अपनी घोषणा में सामाजिक प्रगति के लिए खेलों की भूमिका पर भी जोर दिया है।

theme of 2022:- " सभी के लिए एक सतत और शांतिपूर्ण भविष्य की सुरक्षा: खेल का योगदान "

Washing soda (Na2CO3.10H2O) is obtained from sodium chloride (NaCl).

Uses of washing soda:
-Sodium carbonate (washing soda) is used in glass, soap and paper industries.
-It is used in the manufacture of sodium compounds such as borax.
-Sodium carbonate can be used as a cleaning agent for domestic purposes. 
-It is used for removing the permanent hardness of the water.  


A polyhouse is a specially constructed structure like a building where specialised polythene sheets are used as a covering material under which crops can be grown in partially or fully controlled climatic conditions.

It is covered with a transparent material to permit the entry of natural light.Polyhouses are also helpful in reducing threats such as extreme heat and pest attacks in crops.
● It came into existence in 1978 after the merger of Deposit Insurance Corporation (DIC) and Credit Guarantee Corporation of India Ltd. (CGCI) after passing of DICGC Act, 1961 by the Parliament

● It serves as a deposit insurance and credit guarantee for banks in India.

● It is a fully owned subsidiary of and is governed by the Reserve Bank of India (RBI).

● Currently, a depositor has a claim to a maximum of Rs 5 lakh (previously 1 lakh) as insurance cover 

● Banks pay advance insurance premiums to the corporation and not by customers of banks.

● Premium for the insurance has been raised from 10 paise for every Rs 100 deposit, to 12 paise recently, and a limit of 15 paise has been imposed.

● Banks, including Regional Rural Banks, Local area banks, Foreign banks with branches in India, and Cooperative banks, are mandated to take deposit insurance cover with the DICGC.

● Types of Deposits Covered:

» All bank deposits, such as saving, fixed, current, recurring, etc. 

Except the following types of deposits
»Deposits of foreign Governments, Central/State Governments, Inter-bank deposits, Deposits of the State Land Development Banks with the State co-operative banks
उत्तर :
हल करने का दृष्टिकोण

भारत में बढ़ती बेरोज़गारी की संक्षेप में चर्चा करते हुए उत्तर की शुरुआत करें।

ग्रामीण-केंद्रित नीतियों पर चर्चा करें, जिससे जनसांख्यिकीय लाभांश बढ़ाने में सहायता मिल सकती है।

संक्षिप्त निष्कर्ष दें।
भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है, जहाँ भारत की युवा आबादी में ग्रामीण युवा आबादी का अनुपात अधिक है। हालाँकि हाल के वर्षों में बेरोज़गारी की दर बढ़ रही है। कृषि और संबद्ध गतिविधियाँ ग्रामीण अर्थव्यवस्था की सबसे मज़बूत कड़ी है, किंतु हाल के कुछ वर्षों में इस दिशा में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई है। अत: उत्पादक कृषि गतिविधियों में ग्रामीण युवाओं को शामिल करने से भारत को जनसांख्यिकीय लाभांश बढ़ाने में मदद मिलेगी।

जनसांख्यिकीय लाभांश के लिये ग्रामीण-केंद्रित नीतियाँ:

कृषि प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देना: उभरती कृषि प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता है, जिससे अधिक रोज़गार सृजन की संभावना है।

उदाहरण के लिये कृषि आधारित ई-कॉमर्स, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी)- सुधार, कृषि-विस्तार, बीज प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी, कृषि निगरानी, ​​कृषि/ग्रामीण फिन-टेक इत्यादि।

संबद्ध कृषि गतिविधियों को बढ़ावा देना: ग्रामीण क्षेत्र में बागवानी, डेयरी उत्पादन और खाद्य प्रसंस्करण आदि में ग्रामीण क्षेत्र में रोज़गार सृजन की संभावना अधिक है।

सौर ऊर्जा का उपयोग: सौर ऊर्जा उत्पादन भी रोज़गार और मुनाफे में वृद्धि का एक व्यवहार्य विकल्प हो सकता है।

ग्रामीण युवाओं में कौशल निर्माण: विनिर्माण और सेवा-क्षेत्रों से कृषि-केंद्रित क्षेत्रों में नौकरियों के संक्रमण की आवश्यकता है।

इस संदर्भ में राष्ट्रीय कौशल विकास कोष के तहत उपयुक्त बजटीय आवंटन के माध्यम से औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में प्रशिक्षण गुणवत्ता को बढ़ाने की आवश्यकता है। साथ ही पाठ्यक्रम को फिर से डिज़ाइन करने और उसे उपयुक्त बजटीय आवंटन के माध्यम से उन्नत करने की आवश्यकता है।

ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देना: भारत में ग्रामीण पर्यटन अभी भी विकासशील अवस्था में है, लेकिन पूर्ण क्षमता के साथ इसके विकास के परिणामस्वरूप यह पर्यटकों के साथ-साथ ग्रामीण लोगों के लिये भी लाभदायक हो सकता है।

निष्कर्ष
भारत को जनसांख्यिकीय लाभांश का लाभ उठाने हेतु ग्रामीण युवाओं के लिये रोज़गार के अवसर विकसित करने चाहिये। साथ ही स्वरोज़गार हेतु उपयुक्त वातावरण बनाने की आवश्यकता है।


SDM एक उच्च रैंक का सरकारी अधिकारी होता हैं। एसडीएम राज्य प्रशासनिक सेवा में सबसे उपर का पद होता हैं। हर राज्य के जिले को कई उपखण्ड में बांटा जाता हैं। प्रत्येक उपखंड का नेतृत्व एक एसडीएम करता है। हर उपखंड में उसके आकार के आधार पर एक या एक से अधिक तहसील हो सकती हैं। एसडीएम का अपने उपखंड के तहसीलदारों पर सीधा नियंत्रण होता है और जिले के जिला अधिकारी और उसके उपखंड के तहसीलदारों के बीच पत्राचार का एक चैनल होता है।एसडीएम का फुल फॉर्म(SDM) : उप प्रभागीय न्यायाधीश (Sub Divisional Magistrate) है।

एसडीएम अपने एरिया के सभी भूमिगत कार्य करता हैं। इसके अलावा भी कई और क्षेत्र SDM Officer के अधिकार में आते हैं। वाहनों और विवाह का पंजीकरण, चुनाव का काम, राजस्व समारोह, हथियार लाइसेंस, राजस्व कामकाज और एससी / एसटी, ओबीसी और डोमिसाइल जैसे प्रमाणपत्र जारी करना कुछ ऐसे मुख्य काम हैं जो एसडीएम के अंडर होते हैं।

डिप्टी कलेक्टर एक डिप्टी कलेक्टर, जो अक्सर डीसी के लिए संक्षिप्त है, भारत में एक उप-प्रभाग के राजस्व संग्रह और प्रशासन के प्रभारी एक राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारी है। चूंकि डिप्टी कलेक्टरों को कार्यकारी मजिस्ट्रेट के रूप में भी सशक्त किया जाता है, इसलिए पद को उप-विभागीय मजिस्ट्रेट के रूप में भी संदर्भित किया जाता है और पदाधिकारी एक जिला कलेक्टर के निर्देशन में काम करता है और उसे दिन में काम करने का आश्वासन देता है।

कलेक्ट्रेट जिला प्रशासन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। I.A.S के कैडर में जिला प्रमुख। वह अपने अधिकार क्षेत्र में लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखने के लिए जिला मजिस्ट्रेट के रूप में कार्य करता है। वह मुख्य रूप से सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, भूमि मामलों और हथियारों के लाइसेंस आदि से संबंधित हैं। अतिरिक्त कलेक्टर / जिला राजस्व अधिकारी जिले में विभिन्न अधिनियमों के तहत राजस्व प्रशासन चलाता है।उसे अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट के रूप में भी नामित किया गया है। वह मुख्य रूप से नागरिक आपूर्ति, भूमि मामलों, खानों और खनिजों, ग्राम अधिकारियों आदि से संबंधित है।

डिप्टी कलेक्टर / उप जिला कलेक्टर आमतौर पर एक तहसीलदार होते हैं जो जिला राजस्व अधिकारी (डीआरओ) में रिपोर्ट करते हैं जिन्हें अतिरिक्त जिला कलेक्टर भी कहा जाता है और जिले के लिए राजस्व विभाग के समग्र प्रभारी हैं, डीआरओ बदले में जिला कलेक्टर में रिपोर्ट करते हैं (जिसे जिला आयुक्त भी कहा जाता है) जो सभी विभागों में जिले के समग्र प्रबंधन के प्रभारी हैं।

डिप्टी कलेक्टरों को राज्य के सेवा चयन आयोग के माध्यम से काम पर रखा जाता है, जहां डीआरओ और जिला कलेक्टर आमतौर पर राज्य कैडर में नियुक्त केंद्र सिविल सेवा कर्मचारी होते हैं।

प्रमुख बिंदु

विधेयक के अनुसार झारखंड के भोगता समुदाय के साथ तमरिया/तमड़िया, पुरान, देशवारी, गंझू, दौलतबंदी (द्वालबंदी), पटबंदी, राउत, मझिया, खैरी (खेरी) को भी अनुसूचित जनजाति (एसटी) की सूची में शामिल किया जाएगा।

भोगता सहित अन्य जातियों के एससी से एसटी में आने से उन्हें बड़े आरक्षण के दायरे में शामिल होने का लाभ मिलेगा। राज्य में अभी एससी के लिये 10% और एसटी के लिये 26% आरक्षण है। इस कारण अतिरिक्त आरक्षण से लाभान्वित हो सकेंगे।
तमरिया/तमाड़ को मुंडा की श्रेणी में सूचीबद्ध करने के लिये जनजातीय शोध संस्थान (टीआरआई) ने वर्ष 2002 में अनुशंसा की थी।
 वहीं पुरान को एसटी में शामिल करने की अनुशंसा 1993 में जनजातीय शोध संस्थान ने की थी।

उल्लेखनीय है कि यूपीए सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2014 में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष डॉ. रामेश्वर उरांव ने भोगता जाति को अनुसूचित जाति की श्रेणी से निकालकर अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की अनुशंसा की थी।

Concepts

Rural Marketing is defined as any marketing activity in which the one dominant participant is from a rural area. This implies that rural marketing consists of marketing of inputs (products or services) to the rural as well as marketing of outputs from the rural markets to other geographical areas.

Marketing is the process used to determine what products or services may be of interest to customers, and the strategy to use in sales, communications and business development. It generates the strategy that underlies sales techniques, business communication, and business developments. It is an integrated process through which companies build strong customer relationships and create value for their customers and for themselves. It is a function which manages all the activities involved in assessing, stimulating and converting the purchasing power to effective demand for a specific product and service. This moves them to the rural areas to create satisfaction and uplift the standard of living.

Rural areas of the country or countryside are areas that are not urbanized, though when large areas are described country towns and smaller cities will be included. They have a low population density, and typically much of the land is devoted to agriculture. Defra have a working definition, The Rural/Urban Definition, that was introduced in 2004 as a joint project between a number of Government Departments and was delivered by the Rural Evidence Research Centre at Birkbeck College (RERC).

Components of rural markets

For the market to exist, certain conditions must be satisfied. These conditions should be both necessary and sufficient. They may also be termed as the components of a market.
 
1. Existence of a good commodity for transactions (physical existence is, however, not necessary)
 
2. Existence of buyers and sellers
 
3. Business relationship or intercourse between buyers and sellers; and
 
4. Demarcation of area such as place, region, country or the whole world. The existence of perfect completion or a uniform price is not necessary.
सूरत, गुजरात में पूरी तरह से स्टील के कचरे से बनी एक सड़क है, जो सतत विकास के सर्वोत्तम उदाहरणों में से एक है। आर्सेलर मित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया (ArcelorMittal Nippon Steel India) ने वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (Council of Scientific and Industrial Research - CSIR) भारत, केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (Central Road Research Institute - CRRI) और सरकारी थिंक टैंक नीति आयोग के साथ स्टील स्लैग रोड पर सहयोग किया।

प्रमुख बिंदु :

गुजरात के सूरत में हजीरा औद्योगिक क्षेत्र ने अपनी तरह की अनूठी सड़क बनाई है।

सड़क का निर्माण पूरी तरह से 1000 प्रतिशत संसाधित स्टील स्लैग से किया गया था। स्टील स्लैग स्टील उद्योग के लिए चिंता का एक प्रमुख स्रोत है क्योंकि इसे अपशिष्ट उत्पाद माना जाता है।

लैंडफिल में धातुकर्म और धातु-प्रसंस्करण अपशिष्ट निपटान का पर्यावरणीय प्रभाव विशेष रूप से अधिक है। प्रोसेस्ड स्टील स्लैग एग्रीगेट में प्राकृतिक निर्माण सामग्री के विकल्प के रूप में काफी संभावनाएं हैं।

परीक्षण परियोजना छह लेन वाली एक किलोमीटर की सड़क है। अब तक, पथ विश्वसनीय साबित हुआ है। हर दिन, लगभग 1,000 ट्रक, जिनका वजन 18 से 30 टन के बीच होता है, स्टील रोड के किनारे ड्राइव करते हैं।

देश भर में विभिन्न संयंत्र हर साल लाखों टन स्टील अपशिष्ट का उत्पादन करते हैं, जिसे लैंडफिल में निपटाया जाता है। अपनी तरह की यह अनूठी पहल अब न केवल पहले से कम उपयोग किए गए संसाधन का उपयोग करेगी बल्कि इसके परिणामस्वरूप अधिक टिकाऊ रोडवेज भी होंगे।
तेल, पानी और कोल्ड ड्रिंक सहित लगभग सभी प्रकार के लिक्विड बोतल में आते हैं। क्या आपने कभी नोटिस किया है कि सभी बोतलों का बॉटम बेस एक जैसा नहीं होता। मिनरल वाटर और ऑयल आदि की बोतलों का बॉटम बेस फ्लैट होता है जबकि कोल्ड ड्रिंक की बोतल के बेस में 5 पॉइंट होते है। प्रश्न यह है कि कोल्ड ड्रिंक की बोतल नीचे से सपाट क्यों नहीं होती, 5 पॉइंट वाला बेस डिजाइन है या विज्ञान, आइए पता लगाते हैं:-

सबसे पहले तो हमें यह विश्वास करना होगा कि किसी भी प्रकार का डिजाइन बोतल के टॉप पर होता है, बॉटम पर नहीं। किसी भी बोतल का बॉटम बेस इस प्रकार से तैयार किया जाता है ताकि वह मजबूती के साथ एक स्थान पर खड़ी रहे। यदि बोतल का तला सपाट होगा तो स्वाभाविक है वह किसी भी आधार पर ज्यादा मजबूती से खड़ी होगी। यही कारण है कि मिनरल वाटर, ऑयल या अन्य कई प्रकार के लिक्विड के लिए जो बोतल यूज़ की जाती है उसका बॉटम बेस फ्लैट होता है। 

🌎कोल्ड ड्रिंक की बोतल का बॉटम बेस फ्लैट क्यों होता है👉🏻
केवल कोल्ड ड्रिंक ही नहीं बल्कि कुछ और भी लिक्विड हैं जिनकी बोतल का तला सपाट नहीं होता बल्कि 5 पॉइंट वाला होता है। इसके पीछे एकमात्र कारण यह है कि बोतल के अंदर कोल्ड ड्रिंक का कार्बोनेशन किया जाता है। ऐसी स्थिति में बोतल को एक ऐसे बॉटम बेस की जरूरत होती है जो कंपन या हिलने डुलने की स्थिति में बोतल के अंदर ड्रिंक में कार्बोनेशन की प्रक्रिया को होने से रोक दें। 

🌎कोल्ड ड्रिंक की बोतल का तला सपाट कर दिया जाए तो क्या होगा👉🏻
यदि कोल्ड ड्रिंक की बोतल का तल सपाट कर दिया जाएगा तो जिस स्थान पर उसे रखा जाएगा (कार में, ट्रेन में, टेबल पर, फ्रिज में) वहां पर आने वाली सभी तरंगे बोतल के अंदर भरे हुए ड्रिंक को प्रभावित करेंगी। कार्बोनेशन के कारण गैस बनेगी और एक समय ऐसा आएगा जब बोतल ब्लास्ट हो जाएगी

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यह 12 महीने की सबसे अधिक क्षमता वृद्धि है, जो साल-दर-साल लगभग 200% की वृद्धि दर्ज करता है। भारत अब 28 फरवरी 2022 तक संचयी स्थापित सौर क्षमता के 50 GW को पार कर गया है। यह 2030 तक अक्षय ऊर्जा से 500 GW पैदा करने की दिशा में भारत की यात्रा में एक मील का पत्थर है, जिसमें से 300 GW सौर ऊर्जा से आने की उम्मीद है। भारत की क्षमता वृद्धि सौर ऊर्जा परिनियोजन में देश में पांचवें स्थान पर है, जो वैश्विक संचयी क्षमता 709.68 GW में लगभग 6.5% का योगदान करती है।

 भले ही भारत इस प्रभावशाली यात्रा को जारी रखे हुए है, लेकिन चिंता के कुछ क्षेत्र हैं जिन पर प्रकाश डाला जाना चाहिए। सबसे पहले, 50 GW स्थापित सौर क्षमता में से, 42 GW की भारी मात्रा ग्राउंड-माउंटेड सोलर फोटोवोल्टिक (PV) सिस्टम से आती है, और केवल 6.48 GW रूफ टॉप सोलर (RTS) से आती है; और ऑफ-ग्रिड सौर पीवी से 1.48 गीगावाट।
1969 में वन्यजीव बोर्ड ने शेर को देश का राष्ट्रीय पशु घोषित किया. फिर 1973 में शेर के स्थान पर बाघ को राष्ट्रीय पशु घोषित किया गया.

वर्तमान राष्ट्रीय पशु ' बाघ ' है । शक्ति, शान, सतर्कता, बुद्धिमत्ता और फुरती , रॉयल बंगाल टाइगर की खासियत है।

इसकी लावण्‍यता, ताकत, फुर्तीलापन और अपार शक्ति के कारण बाघ को भारत के राष्‍ट्रीय जानवर के रूप में चुना गया था।

भारत में बाघों की घटती जनसंख्‍या की जांच करने के लिए अप्रैल 1973 में प्रोजेक्‍ट टाइगर शुरू की गई।

बाघ के पहले , या यह कह सकते है कि स्वतंत्रता के पश्चात -' शेर ' ( Lion ) भारत देशका राष्ट्रीय पशु था । भारत देश का सर्वप्रथम राष्ट्रीय पशु ' शेर ' था ।

नोट :- सन् 1972 तक शेर ही भारत देश का राष्ट्रीय पशु हुआ करता था।

Introduction
 
Some years ago, one sociologist asked business people, "What does an ethic mean to you?" Among their replies were the following:
 
"Ethics has to do with what my feelings tell me is right or wrong." "Ethics has to do with my religious beliefs."
 
"Being ethical is doing what the law requires."
"Ethics consists of the standards of behavior our society accepts." "I don't 
know what the word means."

Definition & Nature of business ethics:
 
The term "ethics" is derived from the Greek word "ethos" which refers to character or customs or accepted behaviors. The Oxford Dictionary states ethics as "the moral principle that governs a person's behaviour or how an activity is conducted". The synonyms of ethics as per Collins Thesaurus are - conscience, moral code, morality, moral philosophy, moral values, principles, rules of conduct, standards.
Ethics refers to well- founded standards of right and wrong that prescribe what humans ought to do, usually in terms of rights, obligations, benefits to society, fairness, or specific virtues.

Ethics is a set of princ iples or standards of human conduct that govern the behavior of ind ividua ls or organizations. Using these ethical standards, a person or a group of persons or an
 
organization regulate their behavior to distinguish between what is right and what is wrong as perceived by others. It is not a natural science but a creation of the human mind. For this reason, it is not absolute and is open to the influence of time, place and situation.
Business Ethics
 
Business ethics is a form of applied ethics. In broad sense ethics in business is simply the application moral or ethical norms to business. Business ethics refers to a 'code of conduct' which businessmen are expected to follow while dealing with others. 'Code of conduct' is a set of
 
principles and expectations that are considered binding on any person who is member of a particular group. The alternative names for code of conduct are 'code of ethics' or 'code of practice'.
 
Business ethics comprises the principles and standards that guide behaviour in the conduct of business.

Businesses must balance their desire to maximize profits against the needs of the stakeholders. Maintaining this balance often requires tradeoffs. To address these unique aspects of businesses, rules - articulated and implicit, are developed to guide the businesses to earn profits without harming individuals or society as a whole.

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