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KHARAI CAMEL

●Name origin: From Gujarati “Khara” (saline) — denotes its adaptation to saline desert–coastal ecosystems. ●Unique feature: Only camel breed...

 (National Council for Teacher Education – NCTE) ने पूरे भारत में 57 शिक्षक शिक्षा संस्थानों (Teacher Education Institutions – TEIs) में एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम (Integrated Teacher Education Programme – ITEP) शुरू किया है। यह प्रमुख पहल NEP 2020 के तहत शुरू की गई है। इसे 2021 में अधिसूचित किया गया था। यह 4 साल के दोहरे-प्रमुख स्नातक डिग्री कार्यक्रम की पेशकश करता है, जो शिक्षकों को नए स्कूल संरचना के 4 चरणों यानी 5+3+3+4 की संरचना के लिए तैयार करता है। 

ITEP क्या है?

ITEP का उद्देश्य अन्य बातों के साथ-साथ अत्याधुनिक शिक्षाशास्त्र, मूलभूत साक्षरता और अंकज्ञान, प्रारंभिक बचपन की देखभाल और शिक्षा, समावेशी शिक्षा और भारत के मूल्यों, लोकाचार, कला और परंपराओं की समझ प्रदान करना है। इस कोर्स से पास होने वाले भावी शिक्षक नए भारत के भविष्य को आकार देने के लिए 21वीं सदी के वैश्विक मानकों से लैस होंगे। यह कोर्स 5 साल की जगह 4 साल में पूरा करने से छात्रों का एक साल बचेगा।

ITEP के लाभ
यह अत्याधुनिक शिक्षण प्रदान करेगा। इसका मतलब है कि यह शिक्षण विधियों और शिक्षण प्रथाओं में उपयोग की जाने वाली नवीनतम तकनीकों को प्रदान करेगा। इसके अलावा, यह प्रारंभिक बचपन की देखभाल और शिक्षा में मूलभूत साक्षरता और सहायता स्थापित करेगा।

पृष्ठभूमि

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 प्रारंभिक बचपन देखभाल और शिक्षा पर केंद्रित है। NEP 2020 के अनुसार, प्रारंभिक बचपन की शिक्षा प्राप्त करना आवश्यक है ताकि ग्रेड 1 में प्रवेश करने वाले बच्चे तैयार हों। इसे हासिल करने के लिए कक्षा 1 से पहले तीन साल की प्री-स्कूलिंग की आवश्यकता है।

ITEP में शामिल मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता 

यह कौशल और रणनीतियाँ हैं जिनका उपयोग बोलने, पढ़ने, लिखने और विचारों की व्याख्या करने में किया जाता है। बुनियादी संख्यात्मक कौशल में मौलिक गणितीय संचालन जैसे घटाव, जोड़, गुणा और भाग शामिल हैं।

NEP 2020 के अनुसार समावेशी शिक्षा क्या है?

देश में सभी बच्चों को उनकी सामाजिक आर्थिक पहचान के बावजूद समान शिक्षा के अवसर मिलने चाहिए। यूनिसेफ समावेशी शिक्षा को कैसे परिभाषित करता है? एक ही कक्षा के सभी बच्चों को समान अवसर मिलने चाहिए।

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